केवल तुम ही नहीं

मैंने भी झेला है

तुम्हारे साथ सब लोग खड़े हैं

लेकिन

मैं हूँ एकदम अकेला

तुम सोचोगी

मैंने ही तो / तुम्हारे साथ किया

फिर / मैंने कैसे झेला ?

तुम्हारी ही तरह

जब मैं छोटा बच्चा था

अनेक कुत्सित मानसिकता वाले

मेरे रिश्तेदार , पड़ोसी

जिन्हें मैं अपना समझता था

बस , मैं बोल न सका

शर्म भी / डराया , धमकाया भी गया

क्यो ? कैसे बोलता ?

मुझे भी/ सिखाया ही नहीं था

बेड टच

लेकिन आज

तुम्हारे #मी टू में

मैं साथ चलना चाहता हूँ

अपना भी # मैन टू

लाना चाहता हूँ / शामिल करना चाहता हूँ

क्या तुम मूझे भी साथ ले चलोगी ?

*****कल्पना मिश्रा *******

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