माँ

माँ

मेरे बेचैन मन की आवाज हो तुम
मेरे जीवन संगीत का साज हो तुम
मेरी हर सफलता का राज हो तुम
रज़ा यही कि हर जनम में बस तू ही मिले,
मेरे सफ़र का सुनहरा आगाज़ हो तुम
मेरे मजबूत इरादों की परवाज़ हो तुम
मेरी ज़िन्दगी तुझसे शुरु तुझपे ख़तम,
मेरी सुबह का पहला अल्फ़ाज़ हो तुम.
“माँ ”

आरती ‘अक्स’

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Aarti Human

अब हाल-ए-दिल ना पूँछ कि ताब-ए-बयाँ कहाँ अब मेहरबान ना हो कि जरूरत ना रही....

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