इंतजार सिर्फ तुम्हारा

इंतजार सिर्फ तुम्हारा

इंतज़ार करना काफी नही था
इसीलिए बीच में ही उम्मीद रोक आया हूँ

हासिल कुछ और भी करना था तुझे पाने के लिए
इसीलिए और, और शौहरत बटोर लाया हूँ

नाजायज़ एक होना, हमें मंजूर भी नही था
इसीलिए खुद की ज़ायज़ दुनियाँ बना आया हूँ

ख़्वाहिशो का तुम्हारा, ऐसे पूरा होना नही था
इसीलिए इरादों पर अपने मिट्टी डाल आया हूँ

शायद
तेरे इंतज़ार लायक हो चुका हूँ
इसीलिए उसी मोड़ पर वापिस लौट आया हूँ।।

-गुमनाम शायर (कोरा कागज)

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