“पितृ-दिवस की हार्दिक शुभकामनायें”
पिता को समर्पित चंद पंक्तिया;
एक बेटी की कलम से………….

है नहीं चांदी का पलना,
बाहों में झुलाते………मेरे पापा
नन्हें-नन्हें मेरे कदमों पर,
हौसला सदा बढ़ाते….मेरे पापा

अश्रुपूरित नयन देखकर,
व्याकुल हो जाते…….मेरे पापा
मेरी खुशियों की खातिर,
नित धूप में तपते…… मेरे पापा

जीवन की हर कठिनाई में,
‘सारथी’ बन जाते…. मेरे पापा
पथरीली कष्ट भरी राह को,
सरल-सुगम बनाते…. मेरे पापा

हृदय विशाल, धैर्य ‘मेरू’ सा,
अनुशासन सिखाते…. मेरे पापा
उन से बढ़कर कोई नहीं
मेरे तो”विधाता”है…..मेरे पापा

– नेहा अवस्थी मिश्रा –

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