ऐ वक्त

ऐ वक्त

ऐ वक्त जरा सा
यहीं पे थम जा
कुछ देर ही सही
तू साथी मेरा, बन जा
थामकर हाथ मेरा
संग ले चल तू अपने
कि इस ठहरे हुए, जीवन में
अविरल, उन्माद गति भर जा
ऐ वक्त जरा सा
ना कल की हो, चिंता
ना अब की, फिकर हो
ना थमूं ना रूकुं, बस चलती रहूं
जीवन के अविरल पथ पे
ऐ वक्त तू ऐसी, तन्मयता रस दे जा
ऐ वक्त जरा सा
तू यहीं पे थम जा
छू लूं मैं, क्षितिज को
मंजिल वो स्वप्निल पा लूं
अपनों को दूं, सूकुन भरे पल
ऐ वक्त जरा सा
तू मृदुल जीवन में
ऐसी मधु रस भर जा
ऐ वक्त जरा सा
तू यहीं पे थम जा।

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Mridula Mishra

I'm mridula from jharkhand. I have done B. Ed from jharkhand. Right now i have joined the school.

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