प्रतीक्षा/इंतजार

प्रतीक्षा/इंतजार

नमन आगाज
विधा-क्षणिकाएं
(1)

अपनों का आगमन
बरखा झमाझम
गीले नयन
पूरे सपन
बदला मौसम
बरसों बाद
खिला चमन

(2)

प्रतीक्षारत स्वजन
जांबाज की वापसी
तन-मन वधू का
भरी दुपहरी
रोली तरसे
उन्नत माथ लगे
आए सीमा-प्रहरी

स्वरचित-
डा.अंजु लता सिंह
नई दिल्ली

No votes yet.
Please wait...
Voting is currently disabled, data maintenance in progress.

DrAnju Lata Singh

एम.ए/पी एच.डी/बी.एड 02वर्ष -लेक्चरर शिप अनुभव (सागर वि.वि. (म.प्र.) 30वर्ष -अध्यापन अनुभव (कें.वि.संगठन,नई दिल्ली )

Leave a Reply