मानसुन के दिन

मानसुन के दिन

जब बारिश की शुरूआत होती थी, घर मे अजीब सी उमस रहती। बाहर बदली छाई होती। घर मे हलचल होती। खेती के कामों से पिताजी नौकरों के साथ खेत जा रहे होते। मां भी अनाज साफ करा रही होती। घर अचार की खूश्बू से महक रहा होता। आम घर के बरामदे व सहन मे पडे होते।
हम स्कूल की तैयारी मे मशगुल होते थे।

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Jogeshwari Sadhir

मै एक हिंदी लेखिका हूं.मेरी १२ किताबें प्रकाशित हो चुकी है.तेरहवी किताब जल्द आ रही है. मै स्क्रीप्ट व गीत भी लिखती हूं.जो फिल्म स्क्रीप्ट लिखना चाहते है.मुझसे संपर्क करें मेरा व्हाट्सअप नंबर है8109978163

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