बादल का टुकड़ा

बादल का टुकड़ा

तुम बहुत खूबसूरत हो
आसमां से पिघलते किसी बादल के
टुकड़े की तरह
तुम्हारे देश में लगता है कभी
सर्द हवायें बहती ही नहीं जो
कभी बर्फ की तरह
जमते नहीं
हमेशा पिघले रहते हो
बहते रहते हो
कहीं रुकते नहीं
थमते नहीं
परी देश में मुझसे मिलने आना
मैं इंतजार करूंगी तुम्हारा
दर्पण में देखना फिर अपना
सौम्य चेहरा
तुम आओगे जरूर
मुझे पता है तुम दिल के हो
कोमल एक पवित्र बहते झरने से पावन
कभी किसी को छलते नहीं।

मीनल

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