एक रंग

एक रंग

ठिठक गये हैं पैर अपने
देखकर एक रंग में बहती कई रंगों की
धारा
इसमें एक रंग प्यार का मेरा भी था
उधार का
हो सके तो मुझे सूद समेत
लौटा दो।

मीनल

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