आपको ही

आपको ही

दिन में भी
खुली आंखों से मैं ख्वाब
देखती हूं
जब जब जो भी कोई खूबसूरत मंजर मैं
देखूं
मैं उनके दिलकश नजारों में आपको ही
पाती हूँ
आपको ही देखती हूँ।

मीनल

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