जुस्तजू

जुस्तजू

तू जो साथ मेरे
मुझे एक सुहावने मौसम की
नहीं आरजू
न किसी घर की
न मंजिल की
बस तेरे दिल तक पहुँचते हर रास्ते की
जुस्तजू।

मीनल

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