मुलाकात

मुलाकात

यह किसी के जाने के निशान हैं
वापिस लौट आने के जाने क्या होंगे
यह किनारे से टकराती समुन्दर की
लहरें सब कुछ बहा ले जाती हैं
जो हम भी कभी संग बह गये
तो शायद इस जन्म के बिछड़े अपनों से
कहीं मुलाकात होगी।

मीनल

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