पहचान

पहचान

यह मेरे रेत में धंसे पांव के पदचिन्ह नहीं
मेरे दिल के गहरे जख्म हैं
गमों के बोझ ने मेरी खुशियों का
दायरा कम कर दिया है
मैं जिस गली गुजरूं
पहचान खो दूं
जान पहचान वाले हैरान
होकर कहें कि
मैं कौन हूँ।

मीनल

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