मोहब्बत की आग

मोहब्बत की आग

दो दिल मोहब्बत की आग में
जल रहे हैं
रात है तनिक अधिक
काली, अंधेरी व गहरी
प्यार के एक साये से जुड़े वो तो
शमा की रोशनी की एक लौ के माफिक
आसमान पर
एक चाँद बन कुछ ज्यादा ही चमक
रहे हैं।

मीनल

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