मैं अपनी हदों में हूं तो
सुरक्षित हूं
तुम कितने भी ताकतवर क्यों न
हो
मेरे दिल की गहराइयों तक उतरकर
मुझे एक मछली की आंख सा
भेद नहीं पाओगे।

मीनल

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