रुखसत

जाते जाते भी रोशनी दे गया
दिल के आले को दीयों की
जगमग रोशनी से भर गया
मैं जी गई
मृत्यु मेरी टल गई
आंखों में आंसू की जगह
वो तो
ख्वाबों के पक्के मकान दे गया
दिखता नहीं
पर हरदम पास रहता है
यादों में, बातों में, सपनों में
खिला खिला एक महकते फूल सा
अहसास रहता है
मेरी आखिरी श्वास तक
वो मेरे जीने की वजह
बनकर रहेगा
जीऊंगी मैं
पर पल पल मुस्कुराता
पलकें झपकता
मेरी पीठ थपथपाता
मेरे मन को बहलाता
श्वास वो भरेगा
यह जीना मरना सब व्यर्थ की
बातें हैं
जिन्हें किसी से प्रेम नहीं
वो किसी के जीते जी नहीं करते
और जिन्हें होता है
वो उन्हें इस दुनिया से
रुखसत होने के बाद भी नहीं
छोड़ते।

मीनल

No votes yet.
Please wait...

Leave a Reply

Close Menu