जंगल बुक अध्याय – 3

उस विशालकाय हाथी को देख वह बच्चा चकित हो जाता है हाथी की गर्जन की दहाड़ से पेड़ों पर बैठे हुए पंछी चह , चह करते हुए नीले आसमान की और उड़ने लगते हैं ।

शांत जंगल का वातावरण यकायक शोर शराबे में तब्दील हो जाता है , उस घास के बनी हुई कुटिया में कैद वह औरत यह सब मंजर देख भयभीत हो जाती है ।

अपनी जादुई शक्ति को बढ़ाने के लिए ध्यान मग्न हुआ जंगल के सरदार का ध्यान टूट जाता है और वह उस बच्चे द्वारा की गई उसकी हरकत देख अचंभित हो जाता है ।

उस जंगल का सरदार , वहाँ पर एकत्रित हुए अपने लोगों को उस बच्चे को कैद करने का आदेश देता है ।

पर यह क्या वह बच्चा अपनी बिजली की तेज गति की रफ्तार से भी आगे बढ़ते हुए उस विशालकाय हाथी के ऊपर से छलांग मार कर उस गोल घेरे में बने हुए जादुई छड़ी तक पहुंच जाता है और उस जादुई छड़ी को अपने कब्जे में कर लेता है , यह देख जंगल का सरदार स्तब्ध हो जाता है ।

सरदार के आदेशानुसार वह सब उस बच्चे को पकड़ने के लिए जैसे ही आगे बढ़ते हैं , वह बच्चा जादुई छड़ी की मदद से उन सबको जादुई छड़ी के जादू द्वारा पीछे की ओर धकेल देता है ।

जंगल का सरदार यह सब मंजर देख अपनी आंखों में धधकती लो लिए हुए आग बबूला हो जाता है और पुनः अपने लोगों को अपनी आवाज में मेघों जैसा गर्जन लिए हुए उस बालक पर उनके साथ रखे हुए हथियारों से हमला करने का आदेश देता है

उन लोगों द्वारा उस बालक पर कोई तीर से कोई नुकीले भाले कोई भारी भरकम पत्थर द्वारा तो कोई वहां पर पेड़ की टूटी हुई शाखाओं से हमला करते हैं ।

यह सब दृश्य देख जंगल का सरदार कुटिल मुस्कान और जोर जोर से हंसता रहता है , मानो जैसे उसे अपने मस्तिष्क मैं जीतने का भ्रम हो चुका है ।

उस जंगल का शांत वातावरण अब युद्ध में तब्दील हो चुका है पशुओं ने दहाड़ना , पंछियों ने चहचहाना बंद कर दिया है , हवा ने अपनी गति पर अंकुश लगा दिया है , तीव्र वेग से बह रहे नदी , झरने यकायक शांत हो चुकी है , नीला शांत पड़ा हुआ आकाश में यू अचानक काले बादलों आ जाते हैं , और तेज गति से इधर- उधर चहल कदमी करने लगते हैं ,
ऐसा प्रतीत होता है जैसे नीला शांत पड़ा हुआ आकाश यह सब दृश्य देख भयभीत हो रहा हो –

क्रमश जारी —

क्या वह बच्चा जंगल के सरदार से जीत पाएगा ?
कुटिया में कैद वह औरत कौन है ?
आखिर उस जादुई छड़ी का क्या राज है ?
_ इन सब प्रश्नों की राज अगली कड़ी में

धन्यवाद

✍️ श्याम सिंह बिष्ट
डोटल गांव
उत्तराखंड
9990217616

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Shyam singh bisht

कवि , लेखक डोटल गाँव उत्तराखंड

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