तुमने तो फूल ही तोड़े
लोगों ने
मेरे अपनों ने मेरा दिल तोड़ा
और मैं कुछ न कर सकी
उनके साथ रह भी न सकी
उनसे जुदा भी न हो सकी
दुनिया से जब रुखसत हुई
तो सच कहूं तो
उनके गुनाहों की फेहरिस्त मेरी
जिन्दगी की सांसों से ज्यादा थी
दिल से उन्हें माफ कर न सकी।

मीनल

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