चहक रहे अतताई है…

मौन पड़ा शासन प्रशासन
और चहक रहे अतताई है
हिन्दुस्तान की हार हुई
गद्दारों ने जश्न मनाई है

मोदी अगली सत्ता पर
आज की मत कुर्बानी दो
फिर से भारत के बटने की
तुम मत एक कहानी दो

काट दो उन हाथों को भी
जिसने यह आग लगाई है
हिन्दुस्तान की हार हुई
गद्दारों ने जश्न मनाई है

घर जिसको लगे है पाक
उसको घर पठा दो तुम
नही खुद से अगर जाए
बंदूको से भगा दो तुम

अगर नही माने फिर भी तो
दफन करा दो उनको तुम
मुंह पर मारो थप्पड़ उसके
जिसने जाल बिछाई है
असफल कर दो चालें उसकी
जिसने घात लगाई है

हिन्दुस्तान की हार हुई
गद्दारों ने जश्न मनाई है
मौन पड़ा शासन प्रशासन
और चहक रहे अतताई है

मनोज उपाध्याय मतिहीन
रायपुर, छ. ग.

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M. K. Upadhyay

I Manoj upadhyay a poet belonging from raipur. I write poems ,ghazals and short story. Thanks

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