रुक जाओ ना

रुक जाओ ना

कि मुझमें अभी सांस बाक़ी है
कि तेरा होने की आस बाक़ी है

बहुत से ख्वाब हैं अभी जेहन में
कि हर ख्वाब संग काश बाक़ी है

दिल धड़क रहा है कहीं सीने में
कि ज़िन्दा होने का एहसास बाक़ी है

तेरे साथ बिताये पलों में डूबे रहते हैं
कि तुमसे चुराये कुछ पल मेरे पास बाक़ी हैं…… @

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Aarti Human

अब हाल-ए-दिल ना पूँछ कि ताब-ए-बयाँ कहाँ अब मेहरबान ना हो कि जरूरत ना रही....

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