जिन्दगी, रास्ते और मन्जिल

उस जिन्दगी की कहानी अधूरी है
जिसमें रास्ते तो हो
लेकिन मन्जिल को पाना
नामुमकिन
उस जिन्दगी की कहानी पूरी है
जिसमें रास्ते हों
और मन्जिल भी हो हासिल
यह जिन्दगी क्या है
यह रास्ते और मन्जिल
की कहानी क्या है
इन दोनों के बीच रिश्ता
क्या है
यह रास्ते पे चलना किसे
कहते हैं
बीच रास्ते खोना किसे
कहते हैं
मन्जिल को पाना या
न पाना किसे कहते हैं
अगर रास्ता एक स्वप्न हो
और मन्जिल एक भ्रम
तो जिन्दगी को पाना
किसे कहते हैं।

मीनल

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