होली है आयी

होली है आयी

न शरमा गोरी,
न घबरा गोरी,
है फाल्गुन की ख़ुमारी,
होली है आयी,

गुलाल बहुत ही आतुर है,
तेरे गालों को छूने को,
रंग दूँ इनको तन पर तेरे,
रंग बिरंगी होली है आयी,

आज नही कोई रोक सकेगा,
मुझको तुम को छूने से,
आज कटि पर बाँह कसूँगा,
प्यार भरी होली है आयी,

अपने गाल पर ठहरे गुलाल से,
रंग देना तुम गालों को मेरे,
आज न डरना गोरी किसी से,
है आज़ादी होली है आयी,
– ओपिन्द.

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