चश्मा लालच का

चश्मा लालच का

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये,
चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।
ये चश्मा जब हटे रै बंदे  कुछ भी नजर ना आये
चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये,

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।
1 ) ये चश्मा ऐसा है फंदा , जिसको ये लग जाये

ये चश्मा ऐसा है फंदा,  जिसको ये लग जाये

अपने और पराये में फिर भेद समझ ना आये,

सब पै वार करे -2, कोई ना बचने पाए

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।

2) ये चश्मा जिस जिस ने लगाया , उसका मन ही जाने

ये चश्मा जिस जिस ने लगाया उसका मन ही जाने

सुख जाए दिन का रै बंदे , रात की नींद भी जाये -2

दिन और रात जले – 2, उसको चैन ना आये

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।

3) भक्ति खुदा की छोड़ कै बंदे, लालच मे पड़ जाए

भक्ति खुदा की छोड़ कै बंदे, लालच मे पड़ जाए

धन दौलत तो मिले रै,उसको ना कभी खुदा मिल पाये,

सुख से दूर रहे -2, दुख ही दुख फिर पाए ,

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।

4) संजय कहे ये चश्मा जग में ,कोई भी ना लगाए

खाली हाथ तू आया रै बंदे , खाली हाथ तू जाए -2

कुछ ना साथ चले -2, कोई साथ ना जाये ।

चश्मा लालच का कोई ना जग में लगाये ।

ये चश्मा जब हटे रै बंदे  कुछ भी नजर ना आये

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This Post Has 2 Comments

  1. आपके सपोर्ट और उत्साह बढ़ाने के लिए मैं दिल से धन्यवाद देता हूँ । ईश्वर आपकी सभी इच्छाओं को पूर्ण करे ।

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  2. Very nice kaushik shab ji.

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