कूड़ेदान

कूड़ेदान

समुंदर का खेल
प्रकृति का खेल
मनुष्य का खेल
जमीं से आसमान तक
एक जैसे जुड़ते से ही दिखते हैं
जब शान्त होते हैं
बड़े मनोहारी प्रतीत होते हैं
कहीं गर यह अशान्त हो जाये
शोले की एक छोटी सी चिंगारी भी
कहीं भड़क जाये तो
एक विनाशकारी दानव की तरह
सब कुछ तबाह कर देते हैं
यह तबाही इतनी भयानक होती है कि
इसे पुनर्स्थापित करने में
एक सदी लग सकती है
जीवन की अंतिम घड़ी आ सकती है या
मृत्यु के पश्चात शायद अगला जन्म
लेना पड़े
प्रतिदिन प्रार्थना करें
शांत चित्त रखे
अच्छे समय को पहचाने
भड़के नहीं, भड़काये नहीं
विरोध की ज्वाला फैलाये नहीं
शांति का फल मीठा है
अशांति का कड़वा
शांति का मार्ग सरल है
उसे जीवन में अपनाये
दूसरों को भी प्रेरित करें
शांति से ही जीवन में
कुछ प्राप्त कर सकते हैं
यहाँ तक की परमात्मा को भी
अशांति को अपने से
कोसों दूर रखे
जीवन के गरिमामयी सौंदर्य को भंग
न करें
इसे अच्छे और शांत विचारों से
शुद्ध रखे
अशांति मन में पाल कर
अशांत विचारों को समाज में
फैलाकर
शांति भंगकर
कूड़ा करकट ढोते
मैले विचारों का कूड़ेदान न
बने।

मीनल

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