यादें

यादें

कुछ पल बेवजाह ही
मुस्कूरा लेती हूँ,
तुम्हारे यादों के सहारे
अपनी प्यारी सी दुनिया सजा लेती हूँ,
सजा लेती हूँ,
खुद को भी
यही सोचकर कि कही
तुम भी मुझे देख रहे होंगे,
मुझे महसूस कर रहे होगे,
इस शीतल वायु की छूअन से
वियोग की यह घडी़
पल पल डसती जाती है
तुम आओंगे
यही सोच जी जाती हूँ,
बेवजाह ही मुस्कूराती हूँ।

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