मिट्टी मेरे गांव की

मिट्टी मेरे गांव की

“मिट्टी मेरे गांव की”- बुन्देली काव्य संग्रह:-

लेखिका – जयति जैन “नूतन”
प्रकाशक- श्वेतांशु प्रकाशन, नई दिल्ली

बुंदेलखंड में जन्मी लेखिका ने अपनी मातृभाषा में 104 पेज का बुन्देली काव्य संग्रह “मिट्टी मेरे गांव की” लिखा। लेखिका जयति जैन “नूतन”, हमेशा स्वतंत्र लेखन करती हैं। कई विधाओं में लिखने वाली लेखिका हमेशा सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखती हैं। इससे पहले उनकी दो लघु पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और तीसरा एकल संग्रह वह अपने पाठकों के बीच लायीं हैं।
बुन्देली सिर्फ भाषा नहीं, बुंदेलखंड के लोगों की पहचान है। इसमें कोई दोराय नहीं कि हाल में ही प्रकाशित बुन्देली काव्य संग्रह “मिट्टी मेरे गांव की” इसका जीता जागता उदाहरण है। इस संग्रह में विभिन्न रसों से सजी बुंदेली कविताएं हैं। इस संग्रह की कई कविताएं आपको गुदगुदायेगीं, तो कई कविताएं आपको ग्रामीण जीवन से, वहां की सोच, परेशानियों से रूबरू करवाएगीं। बुंदेलखंडी भाषा जिसे बुंदेली भाषा भी कहते हैं यह एक लयबद्ध भाषा है, जिसकारण इसमें हैं, थे जैसे शब्द नहीं मिलते।
लेखिका के अनुसार – “बुन्देली हम बुंदेलखंडी लोगों की पहचान है। इस संग्रह की खास बात यह है कि इसमें मैंने शब्दावली दे रखी है, जिससे सभी हिंदीभाषी आसानी से इसे पढ़ सकेगें।”
लेखिका अपनी बात पर खरी उतरीं, इस संग्रह के अंत में शब्दावली दी गयी है जिससे आप इसे बिना परेशानी के पढ़ सकते हैं।
यह संग्रह श्वेतांशु प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित हुआ है और आप सभी के लिए यह फिल्पकार्ट (ऑनलाइन वेवसाइट ) पर उपलब्ध है।

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जयति जैन "नूतन"

लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जो अपने बेबाक और स्वतंत्र लेखन के जरिये जानी जाती हैं । बचपन से ही डॉक्टर बनने के लिए दबाब रहा, लेकिन अपने विचारों के जरिये कुछ अलग कर दिखाने के लिए घरवालों से बगावत की, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली । बस माँ ने उस वक़्त भरपूर सहयोग दिया था और माँ के स्वयं लेखिका बनने के सपने को साकार करने के लिए कलम उठाई और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पढ़ाई के साथ लेखन शुरू किया ताकि माँ अपने सपने को बेटी में जी सकें, उसे पूरा होते हुए देखें औऱ आज जयति को लोग एक बेबाक लेखिका के रूप में जानते हैं । इसके पीछे उनकी ८ साल की मेहनत है और जमाने के ताने हैं जिन्होनें आगे बढ़ने के लिए मजबूर कर दिया । युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक जयति जैन "नूतन" पिता का नाम- डॉ. प्रमोद कुमार जैन माता का नाम- श्रीमति अलका जैन पति का नाम- इं. मोहित जैन जन्म - 01-01-1992 जन्म स्थान - रानीपुर जिला झांसी स्थायी पता- जयति जैन "नूतन ", 441, सेक्टर 3 , शक्तिनगर भोपाल , पंचवटी मार्केट के पास ! pin code - 462024 वर्तमान पता - हिंजवाडी पुणे महाराष्ट्र ई-मेल- Jayti.jainhindiarticles@gmail.com शिक्षा - डी. फार्मा , बी. फार्मा , एम. फार्मा व्यवसाय- फार्मासिस्ट , लेखिका विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे , मुक्तक , शायरी प्रकाशित रचनाओं की संख्या- 350 से ज्यादा रचनायें समाचार पत्रों व पत्रिकाओ में प्रकाशित प्रकाशित रचनाओं का विवरण - सामाज़िक लेखन, दैनिक, साप्ताहिक राष्ट्रीय समाचार पत्रों में, मासिक- त्रैमासिक पत्रिकाओं में , जनकृति अंतराष्ट्रीय पत्रिका में,हिंदी साहित्यिक वेब पत्रिकाओं में, चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर ! सम्मान- "विश्व हिंदी रचनाकार मंच" द्वारा संचालित "रचनाकार प्रोत्साहन योजना" के अन्तर्गत "श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान" से सम्मानित ! = B - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित ! = C- भारत के युवा कवि कवियत्री के तहत JMD पब्लिकेशन (दिल्ली ) दुआरा श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान से सम्मानित । उपलब्धि- हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " ! ग्राम रानीपुर (जिला झांसी उप्र) की पहली लेखिका । अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! लेखन के क्षेत्र में 2010 से अब तक । साझा काव्य संग्रह A- मधुकलश B- अनुबंध C- प्यारी बेटियाँ D- किताबमंच E- आगामी काव्य संग्रह - भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ एवं कुछ अन्य । लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव !

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