बचाकर रख लिया जाये

बचाकर रख लिया जाये

बचाकर रख लिया जाये
उन लम्हों को जो कभी हमारे हुए ही नही
उन ख्वाबों को जो कभी पूरे हुए ही नही

उन अश्कों को जो कभी छलके ही नही
उन लफ़्ज़ों को जो कभी ज़ुबां पर आये ही नही

उन यादों को जो कभी जेहन से जाती ही नही
उन घटाओं को जो कभी हम पर बरसी ही नहीं

उन ख़तों को जो कभी लिखे गये ही नही
उन जज़्बातों को जो कभी बयां हुए ही नही

बचाकर रख लिया जाये
उस एक धड़कन को जो कभी सीने में धड़की ही नही…… @

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Aarti Human

अब हाल-ए-दिल ना पूँछ कि ताब-ए-बयाँ कहाँ अब मेहरबान ना हो कि जरूरत ना रही....

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