जीवनदान

जीवनदान

यह लहराता आंचल था
या मेरी हसरतों को फंसाता कोई जाल
जिसने हवाओं के रुख बदल दिये
मेरे दिल से आह निकली
कि मेरी धड़कनों के दामन के सिरे
चीर दिये
शहतूत के पेड़ पे
दरिया किनारे बैठी एक चिड़िया ने
इशारा किया
जल में तैरती सांस की
लहरों को
और उन्हें जीवनदान मिल गया
वो जल के ऊपरी स्तर से
भीतरी सतह में प्रस्थान कर गई
विपदा टल गई
उनकी जान बच गई
उन्हें बर्बाद करने की साजिश
नाकामयाब रही
एक बाज की तरह सिर पे मंडराती
रही
पंजों से कुछ पकड़ न पाई
सारी कोशिशें नाकाम
रही
किसी के जीवन की आस बची
एक बला टली
शहतूत के पेड़ पे बैठी चिड़िया
खुशी से फूली पंख फड़फड़ाती सिर हिलाती रही और
पास ही सिर उठाये सीना ताने खड़ा सूरजमुखी का
फूल अपनी जीत का उत्सव मनाता
हवा संग इठलाता रहा
लहराता रहा
सूरज की तपिश के बिना ही
जिन्दा उत्साहित
खिलखिला के
सुनहरी पलों के कण झाड़ता
मुस्कुराता रहा।

मीनल

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