रहमोकरम

रहमोकरम

देखो यह प्रकृति का नजारा है
एक पेंटिंग सा
श्वेत श्याम पलकों की चिलमन पे
एक दृश्य उभरता
रंगीन सपने सा
आग लगी है
आसमान में
सूरज भी खुद को बचाता
डूब रहा है
अजान लगा रही है
एक मीनार
बेबस हो
याद कर रही
खुदा को
गुहार लगा रही
मार दो मुझे
मिटा दो मुझे या
बचा लो मुझे
उबार दो मुझे कि
मेरा वजूद चरमरा के
टूट के बिखर रहा है
मदद के लिये
काले लफ्जों के बादल
उड़ते हुए एक लाइन में
पैगम्बर के पैगाम लाये हैं
संभाल लेंगे बिगड़ी तकदीरों को
कि सिर पे खुदा के रहमोकरम
के दुआओं भरे आंचल लहराये हैं।

मीनल

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