जीवन की बगिया

जीवन की बगिया

मैं पेंटिंग में रंग नहीं
एक तस्वीर में सांसें भर रही हूं
काश यह जी उठे और
बन जाये मेरी दोस्त
मेरी दुआ कबूल हो जल्दी जल्दी
आहिस्ता आहिस्ता
यह सोच मैं ठंडी ठंडी आहें
भर रही हूं
इस जीवन में जीवंत कुछ भी
नहीं है
सब अवास्तविक है
निष्प्राण है
कुछ भी सरल और सहज नहीं है
हम एक दूसरे की नकल करते हैं
एक दूसरे से होड़ करते हैं
यहां खुद के सम्मान और
ज्ञान जैसा कुछ भी नहीं है
इस जीवन का पल पल एक
भेड़चाल है
उस भीड़ में जो न हो शामिल
उसका अस्तित्व फिजूल है
बेकार है
जीवन की बगिया से जो रंग
चुराए वो सारे
वापिस उसके वीराने में उढेल दिये
यहां जो पाया वो वापिस देना है
अपने पास रखने के लिए
कोई तिजोरी नहीं है
जीवन की पृष्ठभूमि पर
रंगबिरंगे फूल खिले रहे
बेशक वो बनावटी हो
कभी मुर्झाये नहीं
अपना तो यह सपना है
दोस्त हो या दुश्मन
जो दिल पे हाथ रखे
खुलकर गले मिले
वो ही अब अपना है।

मीनल

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  1. Very nice

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