आशा की भोर

आशा की भोर

एक आशा की भोर
एक अभिलाषा आसमां छूती
एक उम्मीद जमीं के पैर
चूमती
मंजिल के निशां यहीं तलाशने हैं
इन सांस लेती वादियों में
जीवन के पल यहीं ढूंढने हैं
इन मिट्टी में मिले बीजों से
उगते पेड़ों में
घर यहीं बनाने हैं
रिश्ते यहीं सजाने हैं
पंछियों के कलरव
पेड़ की डालियों पे सावन के झूले
स्वर्णिम पलों से सजे सम्पूर्ण खजाने
धरती माँ की गोद से ही लूटने हैं
अपने छोटे छोटे कदमों के कारवां
निरंतर आगे बढ़ाने हैं
छोड़ दें यह दुनिया
आसमान में उड़ते हुए
एक बादल की तरह
उससे पहले
खुले आसमान की छत के
नीचे
एक सपनों के महल में
हसीं ख्यालों की दुनिया
बसानी है
पहाड़ियों के पीछे
एक सूरज के डूबने से पहले
जीवन की सांझ ढलने से
पहले
चाँद की तश्तरी में
यादों के दीपकों की
लड़ियाँ सजानी हैं।

मीनल

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