बेवफा

बेवफा

कभी मटकी है कभी भटकी है ||
कभी बात बात पर चटकी ||
बहुतो की खतनाक प्रेमिका ||
प्रेम डाल पर अटकी है ||

ब्वॉय फ्रेन्ड कइयों को रखती ||
गिन कर देखो पाँच ||
जिसके गले की फांस बनेगी ||
वह बंदा अज्ञात ||
फोन रिचार्ज कराया जिसने ||
हाल में उससे खटकी है ||
बहुतो की खतनाक प्रेमिका ||
प्रेम डाल पर अटकी है ||

मिसकॉल मार मार के ||
बारी बारी जगाती है ||
उड़ी नींद पांचो बन्दों की ||
उन्हें बहुत तड़पाती है ||
जिसने फरमाइश पूरी दी ||
पाँव उसी पर पटकी है ||
बहुतो की खतनाक प्रेमिका ||
प्रेम डाल पर अटकी है ||

घूम लेती है जगह जगह वह ||
पूरा करती ख्वाब ||
बने दिवाने संग संग घूमे ||
पॉकेट करके साफ़ ||
मार दिया सगरे को ठोकर ||
जो नखरे वाली नटकी है ||
बहुतो की खतनाक प्रेमिका ||
प्रेम डाल पर अटकी है ||

शम्भू नाथ कैलाशी

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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