मेरी शायरी

1 कितना भी सितम कर ले दुनिया वालें, इश्क फिर भी करते रहेंगे इश्क करने वालें

2मेरी एक ही राय,मैं बन जाऊ चाय और तुम्हारी होंठो को छू कर मेरा दिल भी बोले बाय-बाय

3अधूरा है चाँद, अधूरी है रातें अधूरे हैं हम,या अधूरी है हमारी चाहतें

4शायद उसे भी मेरी इश्क रास ना आई,मैं पुकारता रहा पर वो मेरे पास ना आई

:कुमार किशन कीर्ति

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Kumar kishan kirti

युवा शायर,लेखक

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