हे गज हे गजानन

हे गज
हे गजानन
चरण वंदना
आज सुबह सुबह दोनों हाथ जोड़कर
एक प्रार्थना है मेरी
यह जो लोग पूजते हैं भगवान को
और अनदेखा करते हैं अपने मां बाप
और परिवार को
उन्हें सद्बुद्धि दो
इंसान हैं और इंसानियत से परे हैं
तुम उनके कान में जाकर ऐसा
कुछ समझाओ कि
तुम्हारे दिल का
तुम्हारे व्यवहार का
तुम्हारे ज्ञान का
एक अंशमात्र भर उन्हें मिल जाये
यह बीड़ा तो उठाओ तुम
ऐसा गर सम्भव हो पाया तो
घने जंगल में भयानक जानवरों
के बीच क्या
बड़ी बड़ी नदियां
भवसागर भी पार कर लेंगे
ये अज्ञानी लोग।

मीनल

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