मेरी शायरी

1 आधी हकीकत,आधा फसाना मेरा इश्क कैसा है?जरा खुल कर बताना अपने दिल के कमरे में मुझको ठहराना,मेरा इश्क है वर्षों-पुराना

2हाय रे जमाना तेरी हद हो गई,मैंने दिल से जिसे चाहा’वो’किसी और कि हो गई

:कुमार किशन कीर्ति

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Kumar kishan kirti

युवा शायर,लेखक

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