मेरी पहली रेल यात्रा

वैसे तो कई बार घर से कॉलेज ट्रैन से गयी हूँ मैं पर हमेशा कोई न कोई frnd साथ मे रही और आज पहली बार अकेले travel कर रही थी। थोड़ा सा डर लग रहा था पर कब तक frnd के सहारे अपने क्लास miss करूंगी मैं,इसलिए आज हिम्मत तो करनी ही थी अकेले travel करने की तो आज अकेले ही जाना था । वो कहते है न जब काम जल्दी करना हो तो देर होना लाजमी है कुछ वैसा ही मेरे साथ भी हो रहा था सुबह घर से निकलने में देर हो गयी 8.37की ट्रेन थी और मैं ,8.10 पर घर से निकली। यूँ तो शहर में ऑटो की कोई कमी नही है पर आज , आज एक भी ऑटो नही दिख रहा था, तो मैंने पैदल चलना ही मुनासिब समझा । थोड़ी देर बाद ऑटो मिल गया तो सूकूँ की सांस ली कि अब time से पहुँच जाऊंगी । लेकिन नही मेरी life तो पूरी तरह dramatic है न फंस गई जाम में,5 मिनट बाद जाम खुल गया । स्टेशन पर पँहुचते पहुँचते 8.30 हो गया । MSTभी तो बनवानी थी इसलिए भागते हुए टिकट खिड़की पर गयी यहाँ भी लंबी लाइन उफ्फ…मेरा अच्छा खासा दिमाग अब खराब हो रहा था।लगा ये वाली ट्रेन तो छूट ही जाएगी । लाइन में लगने की बजाए मैं वही बेंच पर बैठ गयी । अगले 5 मिनट में भीड़ कम हुई तो मैंने MST बनवाई और उदास चेहरा लिए प्लेटफार्म पर आई मुझे लगा ट्रैन चली गयी। फिर anounsment सुनी तो ट्रैन प्लेटफार्म नम्बर 2 पर खड़ी थी और मैं प्लेटफार्म 1 पर ..फिर क्या मैं दौड़ भी नही सकती थी क्योंकि भीड़ ही इतनी थी। फिर भी मैं जल्दी जल्दी लगभग भीड़ को चीरते हुए प्लेटफॉर्म नम्बर 2 पर पहुँच गयी और ट्रेन मिल गयी । ट्रैन में बैठते ही सूकूँ कि सांस ली और घर पर फ़ोन किया कि ट्रेन मिल गयी है। पर बात यहाँ खत्म नही हुई कॉलेज की फर्स्ट क्लास मिस हो गयी..डाँट पड़ी सो अलग।कॉलेज  से लौटते वक्त फिर वही हुआ …ऑटो देर से मिली देर से स्टेशन पहुंची सोचा सीढियों से न जाकर लिफ्ट से चली जाऊं लेकिन मेरी ख़ुसनसीबी देखिए लिफ्ट बन्द… पहले तो बहुत गुस्सा आया फिर हँसी भी । मुस्कुराते हुए और उदासी भरे कदमो के साथ मैं सीढियों से जाने लगी तभी anouncment सुनी अरे अरे  मुझे भी तो इसी ट्रैन से जाना है जब तक प्लेटफार्म पर पहुंचती चली गयी ट्रैन। इसके बाद कोन सी ट्रैन आएगी किस पर बैठना है कुछ भी नही पता ? बैठ गयी वही पड़ी बेंच पर और भाई को फ़ोन लगाया कि ट्रेन miss हो गयी अब क्या करूँ…मैं बहुत डर गई अब क्या होगा। भाई ने कहा ठंड रखो ट्रैन से नही तो ऑटो से आ जाओ।मैने कहा नही आऊंगी तो मैं आज ट्रैन से ही चाहे कुछ भी हो जाए आज मैं अपना ये डर भी मिटा दूंगी…। भाई ने कहा ठीक है देवी जी इंटरनेट ऑन करो और  my train app downlod करो। अप्प तो डाऊनलोड कर लिया पर चलना नही आया तभी एक ट्रेन की अनोउंसमेन्ट हुई भाई को बताया उन्होंने कहा किसी से पूछ लो । मैने पूछा और बैठ गयी ट्रैन में पर अगले स्टेशन पर रुकेगी या नही ।ट्रैन app पर देखा तो मुझे लगा वो ट्रैन अगले स्टेशन पर नही रुकेगी app चलाना यो आता नही था इस वक्त न मुझे न भगवान की याद आयी न घर की बस याद आया तो करीना कपूर का वो गीत वाला किरदार… जब वी मेट का… वो ट्रैन वाला सीन आँखो के सामने चलने लगा । All is well का dialouge। और फिर वहाँ बैठे अंकल जी से पूछा क्या ये ट्रैन अगले स्टेशन पर रुकेगी उन्हों ने कहा नही। हाय!सच पूछो तो जान ही निकल गयी। बता नही सकती उस वक्त हँसी भी आ रही थी और रोना भी। फिर भाईजी को कॉल की ट्रेन app कैसे चलेगा पूरी जानकारी ली और app पर देखा ये ट्रैन अगले स्टेशन पर रुकेगी या नही ?रुकेगी रुकेगी …पता चल गया …जान में जान आयी। घर पहुंच कर जब सबको बताया तो सब लोग बहुत हंसे और मैं भी। भाई जी ने कहा प्यारी भोली बहन डर दूर  हुआ या और ज्यादा हो गया…और अब फिर से हँस दिए।
अपनी लाइफ का ये दिन मैं कभी नही भूल सकती…कभी भी नही..।

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