वो भी क्या मुलाकात थी

वो भी क्या मुलाकात थी
वो खोए रहे खुद में
मैं भी बस चुपचाप थी
मुददतों बात की मुलाकात थी
पहली और शायद आखिरी मुलाकात थी
जब वो मेरे इतने नजदीक था
न नजरें मिलाई ,न ही वो मुस्कराया था
नजरअंदाज करने की कोशिश में ,आंख भर आई थी
नजरअंदाज करने की ये अदा भी मुझसे ही तो सीखी थी।।

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