गांधी से

गांधी से महापुरुष न बनना
पर गांधी के आदर्शों पे चलने की
कोशिश तो करना
सच्चाई के मार्ग पे चलकर बहुत कुछ
पाओगे
झूठ की मार से खुद भी तो कहीं
बच जाओगे
खुद की नजरों में गिरने से कहीं
बच जाओगे
नैतिकता के सिद्धांत जीवन में अमृत से जो
घोल के पी जाओगे
रात्रि के घोर अंधियारे में भी
एक सूरज के प्रकाश से उजाला
चहुं दिशा में फैलाओगे
सत्य, अहिंसा, परोपकार
यही है भक्ति
यही है एक सीधी व सरल रेखा से
जीवन का आधार
हर कदम एक मन्जिल है
हर करम एक खुशियों भरी
जन्नत का द्वार।

मीनल

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