दोषी मक्खन मिश्री खाये

जब भक़्त मिडिया बन जाये ||
भ्रष्टाचार को देख न पाये ||
तब करवट ऊँट बदल ही लेगा ||
दोषी मक्खन मिश्री खाये ||

शौचालय में हुआ खुब घपला ||
पर सर्वे नहीं करायेगे ||
अगर सच्चाई हुयी उजागर ||
सब के सब फंस जायेगे ||
फ़ोकट में ढिंढोरा पीट रहे है ||
सच की राहे कौन दिखाए ||
तब करवट ऊँट बदल ही लेगा ||
दोषी मक्खन मिश्री खाये ||

काम नरेगा का खण्डित है ||
पुलिया बाँध सब जाते टूट ||
भ्रष्टाचार की बू आती है ||
होती इसमें जम के लूट ||
पात्र बिचारे तरस रहे है ||
जॉब कार्ड है ख़ास बनवाये ||
जब भक़्त मिडिया बन जाये ||
भ्रष्टाचार को देख न पाये ||
तब करवट ऊँट बदल ही लेगा ||
दोषी मक्खन मिश्री खाये ||

शौचालय में हुआ खुब घपला ||
पर सर्वे नहीं करायेगे ||
अगर सच्चाई हुयी उजागर ||
सब के सब फंस जायेगे ||
फ़ोकट में ढिंढोरा पीट रहे है ||
सच की राहे कौन दिखाए ||
तब करवट ऊँट बदल ही लेगा ||
दोषी मक्खन मिश्री खाये ||

विद्यालय की खिचड़ी दलिया ||
घर की भैस ही खाती है ||
अस्पताल की फ्री दवाई ||
बाहर में बेंची जाती है ||
मस्त मगन शासन प्रशासन ||
जनता खड़ी खड़ी ललचाये ||
जब भक़्त मिडिया बन जाये ||
भ्रष्टाचार को देख न पाये ||
तब करवट ऊँट बदल ही लेगा ||
दोषी मक्खन मिश्री खाये ||

शम्भू नाथ कैलाशी

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शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

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