सफर राहों का

एक राह चले
एक राह मुड़े
घनेरे पेड़ों के तले
मुझे संग लेकर
न जाने
कहाँ चले
एक सी राह
एक से मंजर
तू कहीं किसी मोड़ पे मिले
तो कोई बात बने
तय कर लूं यह सफर
राहों का
इस जीवन का
तू मिले तो मंजिल
मिले
तू गर न मिले तो
मेरी आखिरी सांस तलक
मेरे दिल में पले।

मीनल

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