गीत

मुझे दुनिया में एक चीज है जो
सबसे अजीज है
वो तुम हो
कितनी छोटी सी हो
कितनी प्यारी हो तुम
तुम्हें जब भी देखती हूं
मेरा मन प्रसन्नता से खिल
जाता है
फुदकने लगता है
तुम्हारे संग संग हवाओं में
पंख फैलाकर उड़ने
लगता है
मैदान में बिखरे पड़े कण कण दानें
चोंच में भर भरकर चुगने लगता है
बूंद बूंद पानी गले में भरने
लगता है
चूं चूं चूं चूं करके तुम क्या
संदेश देती हो
मेरा दिल सब समझता है
तुम्हारी मासूम अदाओं को
निश्छल आकांक्षाओं को
पवित्र भावनाओं को
अपने आगोश में भरने की
कोशिश करता है
दिल के इतना समीप आना
ख्वाबों में भी मुझे तन्हा छोड़
न कहीं उड़ जाना
उम्र भर सुने हैं गीत तुम्हारे
अब तुम्हारी बारी है
परीक्षा की घड़ी है
वक्त की लाचारी है
मुझे तुम्हारी जरूरत है
इस विकट परिस्थिति की
दशा में
सांझ ढलने की बेला में
मुझे जितना समझी
उतना मेरा गीत गुनगुनाना
आंसू पोछकर
मुझे हंसाना
ऐ गोरैया
प्रेम का मोह भरा
धागा बांधता
दर्द में डूबा
कोई गीत
हौले से
मेरे कान में तो
सुनाना।

मीनल

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