समझ

बात समझ आई
दिल ने कही थी
दिल ने सुनी थी
मां की दुलार सी
एक प्रीत की पुकार
समझ आई
कहना है जो
दिल खोल के कहो
मैं सुनूंगी
राज तुम्हारे दिल के मुझे
पहले से पता हैं
यह भेद
यह गहरी
मगर सरल
बात समझ आई।

मीनल

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