काल कोठरी

एक ख्याल श्याम रंग
दूजा ख्याल श्वेत रंग
दोनों दौड़ रहे अन्तर्मन में
रंगों की रेखा कहीं नहीं
दोनों दौड़ रहे बेरंग
एक दिन के उजाले में
एक रात के अंधेरे में
दोनों रंगे एक रंग
दोनों दिखे एक संग
समय की काल कोठरी से
उज्जवल दर्पण में।

मीनल

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