तेरी मेरी कहानी

खूने जिगर से लिखा है
दिल की चौखट पे
तेरा नाम
वक्त के पैबंदों को सिला है
जिस्म के नीले जख्मों से
जां गवां के
दिलोजान से गुले गुलफाम
जोड़ है, तोड़ है
दिल में दरार
रिश्तों में मरोड़ है
न महल है, न खंडहर
न मिट्टी का घर
न बुलंद इमारत
न कोई गुलिस्तां
न कोई अम्बर
न सितमगर
न रास्ता
न जमीन
न समुंदर
तेरी मेरी कहानी
तो एक आसमान के सितारे
सी चमकती
सच्चे प्यार की कच्ची
डोर है।

मीनल

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