एक हाथ

कांच की प्याली में
उतर आया है
आसमान का नीला रंग
आसमान की इसमें परछाई भी
है और
रुसवाई भी है
आसमान की एक गाढ़े
नीले रंग की मुंडेर भी है
एक हाथ इसे संभाल के
उठाता भी है
आसमान के कंधे पे बिठाता भी है
टूटने से बचाता भी है
इसके सारे दुख एक विष की
तरह पी जाता है
और इसे जीवन की हर
विषम परिस्थिति में
कैसे मुस्कुराना है
कैसे हिम्मत से जीना है
यह सिखाता भी है।

मीनल

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