यह कोई प्यार नहीं

पांव में बेड़ियां
घर एक कैद
यह कोई प्यार नहीं
साये की तरह संग संग चले
मैं जो कहना चाहूं वो न सुने तो
यह कोई प्यार नहीं
आसमान के नीचे
पेड़, पौधों और फूलों के बीच
मैं चाहूं एक आशियाना
तू लेकर चले मुझे
कांटों भरे जंगल के बीच
यह कोई प्यार नहीं
मैं जीना चाहूं अपने मन मुताबिक
सांस लेना चाहूं आजादी से
खुली हवाओं में
तू कैद करे मेरी सांसें
यह कोई प्यार नहीं
मैं चलना चाहूं
कठिन डगर पर
सरल राहें
हसीन मंजर
खूबसूरत हमसफर
फूलों की वादियों सी मंजिलें
मुझे मंजूर नहीं
तू बिछाये मेरी राहों में
शबनम के बिछौने
यह कोई प्यार नहीं
न मेरी मनुहार सुने
न मेरे दिल की पुकार
सुने
न मुझे दिल से प्यार करे
न मेरी दुख की घड़ी में
मेरे सिर पे हाथ धरे
तू तो अपना मतलब साधने के
लिए
अपनी इच्छापूर्ति के लिए
अपने जीवनयापन के लिए
मेरा इस्तेमाल करे
मेरा शोषण करे
मुझसे झूठे प्रेम का ढोंग करे
जितना करीब आये उतना फासला बढ़े
दिल में प्यार नहीं और प्यार जताये
यह कोई प्यार नहीं।

मीनल

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