हरि रंग

सब रंगों में
एक हरि रंग भाये
संग जो मिले तेरा
मेरी सांस में सांस आये
मेरे जीवन की तस्वीरों में
एक तू ही रंग भरे
मेरी कल्पनाओं की उड़ानों में एक
तू ही संग उड़े
मेरे पग में घुंघरू बांध मेरे संग संग
पग धरे
मेरे हृदय में वास कर
एक अलौकिक दुनिया तू रचे
मेरे जीवन के पल पल का तू
रखवाला
मेरा पालनहार मेरा सदैव ख्याल
रखने वाला
प्यार का सागर तू
प्रीत का बादल तू
तू है तो मैं हूं
मेरे अस्तित्व का आधार
मेरे कण कण का विस्तार तू
प्रभु मेरे द्वार पे आना
मेरे तन मन में रहना
मुझे छोड़ कहीं दूर न चले जाना
जब कभी जहां कहीं जाओ
मुझे साथ ले जाना
मेरे जीवन की लीला को
तुम ही गति देना
संयम देना
समाप्त करना
मेरे जीवन की नैय्या को
भवसागर से तुम ही पार लगाना
मेरे प्रभु
मेरे हरि
प्रकृति के रंगों में से
एक रंग मेरा भी चुनना
मेरे रंग में घुलना
पूर्ण नहीं तो
आंशिक रूप से मुझे
हरि रंग रंगना।

मीनल

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