जब आप मुस्कुराए

मुझको सुकून आया ॥
जब आप मुस्कुराए॥

महफ़िल मेरी सजी थी॥
जब प्रेम गीत गाये॥

चन्दा भी हंस दिया था॥
सूरज बजाया ताली॥

बादल बरस पड़ा था॥
हरियर हुयी थी क्यारी॥

मन को मिली तसल्ली ॥
जब मेरे समीप आये॥

खिल गयी थी कलियाँ॥
खुश्बू बहार लायी॥

कोयल की मीठी बोली ॥
बागो में दी सुनायी॥

आँचल मेरा उड़ा था॥
जब रोते मुझे हंसाये ||

मेरा पायल बज गया था॥
तुम घायल थोड़ा हुए थे॥

मैंने तुम्हे मनाया॥
नादानी हम किये थे॥

फिरने लगी उमंगें॥
जब तुम मुझे सजाये ||

शम्भू नाथ कैलाशी

No votes yet.
Please wait...

शम्भनाथ

पिता का नाम स्वर्गीय श्री बाबूलाल गाँव कलापुर रानीगंज कैथौला प्रतापगढ़ उत्तर-प्रदेश जन्म ०७/०८/१९७४ शिक्षा परानास्तक पुस्तकालय विज्ञानं पेसा नौकरी

Leave a Reply

Close Menu