कायनात का सफर

यह आसमान का 

आसमानी रंग है

और बादल का सफेद टुकड़ा

यह रंग-ओ-जाम की महफिल है

और सुनहरे गोटे की किनारी का

आंचल ओढ़े

एक पिछवाड़े के कोने से झांकती

चांदनी का सलोना मुखड़ा

इन फिजा में बिखरे रंगों को

नजरों में भर भर के देख लेने से

एक रूहानी अहसास का जन्म होता है

इन रस के प्यालों में भरे भरे जाम

खाली करने से इस दुनिया से

जुदा होने का ख्याल

पैदा होता है

जिन्दगी का पैमाना कभी भरा

होता है तो

कभी खाली होता है

भरे में कभी खाली तो

खाली में कभी भरे का भी

ख्याल होता है

कभी कभी हकीकत एक

ख्वाब और

ख्वाब एक हकीकत का मुकाम

होता है 

ठान लो तो 

मजा हर हाल में है

आईना एक ही हो

तो चाहो तो एक मान लो

न चाहो तो

आईने में आईना फिर

उस आईने में आईना में

आईना

सच मानो तो

इस दुनिया में रहते जिन्दगी का

मिलना

और जिन्दगी रहते

कायनात की हर चीज

उसके हर रंग, हर रूप, हर रस,

हर जाम, हर बहार,

हर ख्याल, हर ख्वाब,

हर हकीकत का सफर मजेदार,

लाजवाब, बेमिसाल, 

लज्जतदार और असीमित होता है।

मीनल

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