तुम बिन कितना रोया

तुम जब पास रहते  थे

आंखों से कुछ कहते थे

मुझसे ज्यादा मेरा ख्याल

तुम दोस्त मेरा रखते थे

गम है मुझे यूं वीछडने का

दर्द दिल में रहता है

अब पास तेरे ना होने का

दिन वो थे वड़े ही उपवन से

जिन में तुम हम हंस हंस रहते थे

तुम भूल गये हम भूल गये

मगर वो आंगन न भूल सका

मगर वो घर न भूल सका

मिलो जब मुझसे तो अरे!कहना

अब आसिक नहीं भाई कहना

तुमने भुलाया हमने नहीं

अब रोयेंगे हम तो हंसोगे तुम भी नहीं

प्यारा रिस्ता जो टूटा तो गम दे गया

दर्द राजा को कितना घना दे गया

तुम जब पास रहते थे

मुझको राजा कहते थे।

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Abhee Raja Farrukhabadi

Village-Madayan Bhannagar . Post-Pakhna Dix-Farrukhabad U.P.

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